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शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर देना कितना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है
छोटे बचà¥â€à¤šà¥‡ रोकर ही अपनी बात कहते हैं। बचà¥â€à¤šà¥‡ की à¤à¤¾à¤·à¤¾ को मां से बेहतर और कोई नहीं समठसकता है। वैसे तो बचà¥â€à¤šà¥‡ का रोना सामानà¥â€à¤¯ बात है। पेट à¤à¤°à¤¾ होने पर à¤à¥€ शिशॠदांत आने या कोलिक की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बà¥à¤¹à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रो सकता है।
कोलिक बेबी कई घंटों तक लगातार रो सकता है और कà¤à¥€ पेट दरà¥à¤¦ या अनà¥â€à¤¯ किसी वजह से बचà¥â€à¤šà¤¾ रोता है। बचà¥â€à¤šà¥‡ को आराम देने के लिठगà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर पर विशà¥â€à¤µà¤¾à¤¸ किया जाता है। आइठजानते हैं कि शिशॠको दिठजाने वाला गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर कितना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है।
​कà¥â€à¤¯à¤¾ होता है गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर
शिशॠमें कोलिक के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राâ€à¤¹à¤¤ दिलाने के लिठडॉकà¥â€à¤Ÿà¤° के परà¥à¤šà¥‡ के बिना कई पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥â€à¤Ÿ मिलते हैं। आपको इनमें से वही विकलà¥â€à¤ª चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहिठजो सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो। गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ रूप में आता है और यह à¤à¤• हरà¥à¤¬à¤² उपाय है। इसमें सौंफ, अदरक, कैमोमाइल, मà¥à¤²à¥‡à¤ ी, दालचीनी और लेमन बाम होता है।
गैस होने पर पेट दरà¥à¤¦ की वजह से बचà¥â€à¤šà¥‡ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोते हैं। कà¥à¤› बचà¥â€à¤šà¥‡ दिन में लगातार कई घंटों तक रोते हैं तो कà¥à¤› में यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ कई सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ तक देखी जा सकती है। चूंकि, जड़ी-बूटियां पाचन में मदद करती हैं इसलिठगà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कोलिक से राहत पाने के लिठकिया जा सकता है। दांत आने पर दरà¥à¤¦ होने और हिचकी के लिठà¤à¥€ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
​कà¥â€à¤¯à¤¾ शिशॠके लिठगà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है
कई तरह के गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर होते हैं। शà¥à¤—र और à¤à¤²à¥â€à¤•ोहल यà¥à¤•à¥â€à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर à¤à¥€ आता है। बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शà¥à¤—र की वजह से दांतों में कीड़ा लग सकता है और इससे शिशॠके दूध पीने में à¤à¥€ बदलाव आ सकता है।
आप à¤à¤¸à¥‡ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर को चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ जो शिशॠके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हों। पैकेट पर लिखी गई सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से पढ़ने के बाद ही खरीदें। आप सोडियम बायोकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ और पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर à¤à¥€ दे सकते हैं।
सोडियम बायोकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ या बेकिंग सोडा डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना कोलिक बेबी को नहीं देना चाहिà¤à¥¤ इससे शिशॠके पेट में पीà¤à¤š लेवल पर असर पड़ सकता है और शिशॠमें कोलिक के लकà¥à¤·à¤£ गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं।
पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर शिशॠमें रिफलकà¥â€à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को बढ़ा सकता है। गà¥â€à¤²à¥‚टेन, डेयरी, पैराबींस और वेजिटेबल कारà¥à¤¬à¤¨ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर देने से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤
आमतौर पर गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर शिशॠके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है लेकिन à¤à¤• महीने से कम उमà¥à¤° के शिशॠको इसकी सलाह नहीं दी जाती है। इस उमà¥à¤° तक शिशॠके पाचन तंतà¥à¤° का विकास हो रहा होता है।
​शिशॠको कब दें गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर
गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर के उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤• यह दावा करते हैं दो सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ तक के शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर दिया जा सकता है। हालांकि, à¤à¤• महीने के होने तक शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर नहीं देना चाहिà¤à¥¤ कई लोगों का यह à¤à¥€ मानना है कि छह महीने तक के शिशॠको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• ही देना चाहिà¤à¥¤
इसलिठबेहतर होगा कि शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर देने से पहले पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ से बात कर लें। दूध पिलाने के लगà¤à¤— दस मिनट बाद शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर देना सही रहता है। आप चमà¥â€à¤®à¤š या डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° से गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर दे सकती हैं।
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